Short Essay On Vidyalaya In Hindi

नर्सरी से लेकर क्लास 10 तक में पढ़ने वाले आपके बच्चों के लिये पढ़ाईये एक आसान निबंध और भाषण। ‘मेरा स्कूल’ पर भाषण या व्याख्यान के द्वारा हमें अपने बच्चों को आकृष्ट करने के लिये प्रेरित करना चाहिये।

मेरा स्कूल पर निबंध (स्कूल एस्से)

Find here school essays in Hindi language for students in different words limit like 100, 150, 200, 250, 300, and 450 words.

मेरा स्कूल पर निबंध 1 (100 शब्द)

चार मंजिले का मेरा स्कूल बहुत अच्छा है। ये एक मंदिर के समान है जहाँ हम रोज पढ़ने के लिये जाते है। सबसे पहले सुबह उठकर, हम भगवान से प्रार्थना करते है अपने अच्छे पढ़ाई के लिये और अपने क्लास टीचर को सुबह का नमस्कार करते है। इसके बाद हम सिलेबस के अनुसार पढ़ना शुरु करते है। मैं रोज स्कूल जाना पसंद करता हूँ। मेरे स्कूल में बहुत कड़ा अनुशासन है जिसका सभी विद्यार्थियों द्वारा नियमित पालन किया जाता है। मैं अपने स्कूल ड्रेस को बहुत पसंद करता हूँ। मेरा स्कूल मेरे प्यारे घर से दो किलोमीटर की दूरी पर है और मैं पीली रंग की बस से अपने स्कूल जाता हूँ। ये एक बहुत शांतिपूर्ण जगह पर स्थित है जो प्रदूषण, शोर, गंदगी तथा शहर के धुएँ से दूर है।

मेरा स्कूल पर निबंध 2 (150 शब्द)

मेरा स्कूल बहुत श्रेष्ठ है जो कि लाल रंग का है तथा तीन मंजिला है। मैं उचित यूनिफार्म में रोज अपने स्कूल जाना पसंद करता हूँ। मेरी स्कूल टीचर बहुत दयालु है और हमें अनुशासन का अनुसरण करना सिखाती है। मेरा स्कूल बहुत अच्छी जगह पर स्थित है और शहर के सभी शोर-शराबे और भीड़ से दूर है। मेरे स्कूल में मुख्य गेट के करीब दो छोटे उद्यान है जहाँ पर ढ़ेर सारे फूलों की सेज, घासयुक्त मैदान, फलों के पेड़ और दो सुंदर फुहारे है।

हमारे स्कूल में बहुत सारी सुविधाएँ है जैसे एक कम्प्यूटर लैब, दो विज्ञान लैब, एक बड़ा पुस्तकालय, एक बड़ा खेल का मैदान, एक सुंदर स्टेज और एक स्टेशनरी की दुकान। मेरे स्कूल में नर्सरी से लेकर कक्षा बारह तक के विद्यार्थी पढ़ सकते है। औरत और मर्द सहित मेरे स्कूल के पास 57 काबिल शिक्षक है, 20 सहायक है, एक प्रधानाचार्य और 10 गेटकीपर है। हमारे शिक्षक हमें बहुत नम्रतापूर्वक व्यवहार के साथ बहुत ही रचनात्मक और रोचक तरीके से विषय को हमें समझाते है।

मेरा स्कूल पर निबंध 3 (200 शब्द)

एक मंदिर की तरह ही एक स्कूल बहुत ही वास्तविक जगह होती है जहाँ हम रोज अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिये पढ़ने और सीखने जाते है। अपने बेहतर जीवन और सही पढ़ाई के लिये हम रोज स्कूल में भगवान से प्रार्थना करते है। हम रोज अपने कक्षा अध्यापक को सुबह का नमस्कार करते है और वो अपने मुस्कुराते चेहरे के साथ हमें जवाब देती है। हमारे स्कूल में उसके पीछे की तरफ एक बहुत बड़ा उद्यान है। स्कूल एक ऐसी जगह है जहाँ व्यक्ति अपने शिक्षक के सहयोग से सबकुछ सीखता है। शिक्षक हमें हमारी पढ़ाई में कड़ी मेहनत करने के लिये मदद करते है और अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करते है। वो हमें स्वच्छता, स्वाथ्य विज्ञान, उचित स्वथ्य आहार व व्यवहार के बारे में बताते है।

हमारे शिक्षक हमेशा हमें खेल क्रियाओं, प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, मौखिक-लिखित परीक्षा, वाद-विवाद, समूह चर्चा, स्कॉउटेड आदि दूसरी क्रियाओं में भाग लेने के लिये प्रेरित करते है। हमारे कक्षा अध्यापक हमें स्कूल के अनुशासन को बनाए रखना और स्कूल परिसर को साफ और स्वच्छ बनाए रखने को बताते। प्रार्थना के स्टेज पर हमारे प्रधानाचार्य हमें प्रतिदिन प्रेरणादायक संदेश देते है। पूरे जीवन भर हम सच्चा, ईमानदार, आज्ञाकारी और समझदार बनने के लिये सीखते है। हम सीखते कि कैसे अपनी कक्षा में पढ़ाई में एकाग्र होना है? हमारा स्कूल सालाना खेल प्रतियोगिता, प्रश्न-उत्तर प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता आयोजित करता है जिसमें भाग लेना हमारे लिये बेहद जरुरी होता है।


 

मेरा स्कूल पर निबंध 4 (250 शब्द)

स्कूल ज्ञान का मंदिर है और यहाँ हम सामाजिक और व्यवसायिक जीवन के लिये तैयार होते है। दान के दिये हुए पैसे और भूमि के साथ पर 1990 में मेरा स्कूल बना। मेरे स्कूल का वातावरण बहुत खुशनुमा और इसका पर्यावरण बहुत स्वच्छ और आकर्षक है। मेरा स्कूल खेल के मैदान के बीचों-बीच है। स्कूल के एक तरफ बहुत बड़ा उद्यान है जिसमें छोटा तालाब है। इस तालाब में ढ़ेर सारी मछलियाँ और जलचर है। मेरा स्कूल चार माले का है जहाँ नर्सरी से लेकर 12 तक के विद्यार्थीयों के लिये कक्षा है।

मेरे स्कूल में एक बड़ा पुस्तकालय, प्रधानाचार्य कार्यालय, मुख्य कार्यालय, क्लर्क कार्यालय, एक विज्ञान प्रयोगशाला, एक कम्प्यूटर प्रयोगशाला, एक सामुहिक अध्ययन कक्ष, एक बड़ा सभाकक्ष, शिक्षक सामुहिक कक्ष, एक बड़ा खेल का मैदान, स्कूल परिसर में लड़के और लडकियों के लिये अलग-अलग छात्रावास आदि है। मेरे स्कूल में उच्च निपुण तथा अनुभवी शिक्षक है जो बहुत ही प्रभावी और रचनात्मक तरीके से हमें पढ़ाते है। मेरे स्कूल में लगभग एक हजार बच्चे है जो हमेशा स्कूल के अंदर और स्कूल के बाहर होने वाली प्रतियोगिता में अव्वल आते है। हम सभी स्कूल में उचित यूनिफार्म में जाते है। हमारे पास दो तरह के यूनिफार्म है, एक सामूहिक और दूसरा हाउस यूनिफार्म।

मेरा स्कूल गर्मियों में 7:30 बजे सुबह से लेकर 1:30 बजे दोपहर तक चलता है और सर्दियों में 8:30 बजे सुबह से लेकर दोपहर के 3:30 बजे तक चलता है। हम रोज थोड़े समय के लिये पुस्तकालय जाते है जहाँ हम रचनात्मक किताबेँ और समाचारपत्र पढ़ते है और अपने हुनर और सामान्य ज्ञान को बढ़ाते है।

मेरा स्कूल पर निबंध 5 (300 शब्द)

मेरा स्कूल मेरे घर से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर है। ये बहुत ही स्वच्छ और शांतिपूर्ण दिखाई देता है। मेरा स्कूल एक मंदिर के समान है जहाँ हम रोज भगवान से प्रार्थना करने और एक दिन में छ: घंटे पढ़ने के लिये जाते है। हमारे स्कूल शिक्षक बहुत अच्छे है और हमें बेहद विनम्रता से पढ़ाते है। मेरे स्कूल में पढ़ाई, यूनिफार्म और स्वच्छता को लेकर बहुत कड़े नियम है। मैं रोज स्कूल जाना पसंद करता हूँ क्योंकि मेरी माँ मुझसे कहती है कि रोज स्कूल जाना और सभी अनुशासनों का पालन करना बहुत जरुरी है। स्कूल ज्ञान का मंदिर है जहाँ हम बहुत रोचक तरीके से सीखने की प्रकिया में शामिल होते है। हम पढ़ाई के साथ और भी बातें सीखते है जैसे अनुशासन, आचरण, समय-पालन और शिष्टाचार आदि।

मेरे स्कूल का वातावरण बहुत अच्छा है जहाँ पर ढ़ेर सारी सीनरी और हरियाली उपलब्ध है। यहाँ एक बड़े उद्यान है जिसमें रंगबिरंगे फूल, सजावटी पेड़, हरी घास के साथ एक तालाब भी है जिसमें मछलियाँ, मेंढ़क आदि है। दूसरी चीजें जैसे बड़ा खेल का मैदान, बड़ा खुला स्थान मेरे स्कूल को एक प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है। मेरे स्कूल में क्रिकेट नेट, बास्केट बॉल कोर्ट और स्केटिंग मैदान की भी सुविधा उपलब्ध है। मेरा स्कूल सीबीएसई बोर्ड के नियमों का अनुसरण करता है। मेरा स्कूल नर्सरी से कक्षा 12 तक की सुविधा उपलब्ध कराता है। मेरे स्कूल के प्रधानचार्य स्कूल में अनुशासन और स्वच्छता को लेकर काफी गंभीर है।

जो बच्चे स्कूल से बहुत दूर रहते है उनके लिये मेरा स्कूल बस की सुविधा उपलब्ध कराता है। सुबह के समय सभी बच्चे खेल के मैदान में प्रार्थना के लिये जुटते है और प्रार्थना के बाद अपने-अपने कक्षा की ओर प्रस्थान करते है। मेरे स्कूल में लगभग नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के 2000 बच्चों का दाखिला हर साल होता है। मेरे स्कूल में अलग-अलग विषयों जैसे गणित, कला, विज्ञन, भूगोल, इतिहास, अंग्रेजी आदि के लिये अलग-अलग शिक्षक है। मेरे स्कूल परिसर में एक बड़ी पुस्तकालय,लेखन सामग्री दुकान और कैंटीन है। मेरा स्कूल एक वार्षिक कार्यक्रम आयोजित करता है जिसमें भाग लेना सभी के लिये अनिवार्य है।


 

मेरा स्कूल पर निबंध 6 (400 शब्द)

तीन मंजिला प्रभावपूर्ण ढ़ंग से बना मेरा स्कूल बहुत शानदार है और जो शहर के बीचों-बीच स्थित है। ये मेरे घर से लगभग 3 किमी की दूरी पर है और मैं अपने स्कूल बस से जाता हूँ। मेरा स्कूल राज्य का सबसे अच्छा स्कूल है जहाँ मैं पढ़ता हूँ। ये बेहद शांतिपूर्ण और प्रदूषण से दूर स्थित है। स्कूल के दोनों तरफ सीढियाँ है जो हर मंजिल की तरफ ले जाता है। इसके पहले तल पर सुसज्जित और बड़ी पुस्तकालय; अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला और एक कंप्यूटर प्रयोगशाला है। इसके भू-तल पर स्कूल रंग-भवन है जहाँ सभी वार्षिक कार्यक्रम, मीटिंग, पीटीएम, नृत्य प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती है।

प्रधानाचार्य कार्यालय, मुख्य कार्यालय, क्लर्क कमरा, स्टॉफ कमरा और सामूहिक पढ़ाई कक्ष भूतल पर स्थित है। स्कूल की कैंटीन, लेखन सामग्री की दुकान, चेस रुम और स्केटिंग हॉल भी भूतल पर ही स्थित है। मेरे स्कूल में प्रधानाचार्य के कार्यालय के सामने दो बॉस्केटबॉल कोर्ट है जबकि फुटबॉल मैदान इसके किनारे में है। मेरे स्कूल में मुख्य कार्यालय के सामने रंग-बिरंगे फूलों और सजावटी पेड़ों से भरा एक छोटा सा उद्यान है, जो पूरे स्कूल परिसर की सुंदरता को बढ़ा देता है। मेरे स्कूल में लगभग 2000 विद्यार्थीयों ने दाखिला लिया है । वो हमेशा अंतर- स्कूली प्रतियोगितों में अव्वल आते है।

मेरे स्कूल में पढ़ाई का तरीका बेहद रचनात्मक और प्रगतिशील है जो किसी भी कठिन विषयवस्तु को आसानी से समझने में मदद करता है। हमारे शिक्षक बहुत ईमानदारी से पढ़ाते है और सबकुछ व्यवहारिक तरीके से समझाते है। मेरा स्कूल हर कार्यक्रम में प्रथम आता है जैसे अंतर-स्कूली सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल क्रियाएँ आदि। मेरा स्कूल बहुत शानदार तरीके से साल के सभी महत्वपूर्ण दिनों को मनाता है जैसे खेल दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, शिक्षक दिवस, बाल दिवस, अभिभावक दिवस, क्रिसमस डे, वार्षिक कार्यक्रम, नया साल, गाँधी जयंती आदि।

हमलोग पढ़ाई से अलग दूसरी क्रियाओं में भी भाग लेते है जैसे तैराकी, एनसीसी, स्कूल बैंड, स्कॉउटिंग, स्केटिंग, नृत्य, गाना आदि। स्कूल के नियम अनुसार गैर अनुशासित और दुर्व्यवहार करने वाले विद्यार्थीयों को उनके क्लास टीचर द्वारा दण्ड भी दिया जाता है। हमारे स्कूल प्रधानचार्य सभी कक्षा के बच्चों के चरित्र निर्माण, शिष्टाचार, नैतिक शिक्षा, अच्छे मूल्यों को रखना, दूसरों का सम्मान करना आदि के लिये रोज 10 मिनट की क्लास मीटिंग हॉल में लेते है। हमारा स्कूल का समय बेहद मजेदार और सुखद होता है क्योंकि हम लोग रोज बहुत सारा रचनात्मक और व्यवहारिक कार्य करते है। कहानी कहने का हमारा मौखिक आकलन, गीत, कविता पाठ, हिन्दी और अंग्रेजी में बातचीत आदि क्लास टीचर द्वारा रोज लिया जाता है। इसलिये मेरा स्कूल दुनिया का सबसे बेहतरीन स्कूल है।


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Vidyalaya ka Varshikmahotsav par laghu nibandh

प्रस्तावना- हमारा विद्यालय एक आदर्श विद्यालय है। इसमें पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद को भी महत्व दिया जाता है। छात्रों के चहुँमुखी विकास के लिए विद्यालय में कई प्रकार के कार्यक्रम किए जाते हैं। छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के लिए सारे विद्यालय के छात्र-छात्राओं को चार सदनों में विभाजित कर रखा है। सदनीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं को वार्षिकोत्सव के अवसर पर पुरस्कार दिए जाते हैं।

वार्षिकोत्सव की तैयारी- हमारे विद्यालय का वार्षिकोत्सव हर वर्ष दिसम्बर में होता है। इस वर्ष भी इसे दिसम्बर में करने का निश्चय किया गया। वार्षिकोत्सव की तैयारी दो तीन सप्ताह पहले से ही होने लगती है। प्रत्येक अध्यापक और छात्र वार्षिकोत्सव के लिए किसी न किसी कार्यक्रम में भाग लेता दिखाई देता है।

वार्षिकोत्सव का आरम्भ- प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन विद्यालय के विशाल प्रांगण में किया गया। विद्यालय के प्रांगण में एक ओर एक भव्य मंच बनाया गया और उसके सामने दर्शकों के बैठने के लिए सैंकड़ों कुर्सियाँ लगा दी गईं।

लगभग 5 बजे सायं सभी अभिभावक और आमन्त्रित व्यक्ति वार्षिकोत्सव के लिए तैयार मंडप में आने लगे। देखते ही देखते मंडप में सैंकड़ों कुर्सियाँ भर गईं। कुछ लोगों को बैठने के लिए स्थान नहीं मिल पाया। अतएव खड़े होकर कार्यक्रम की प्रतीक्षा करने लगे। ठीक साढ़े पाँच बजे एक गाड़ी विद्यालय से सजे सजाए द्वार पर आकर रूकी। इस गाड़ी में मुख्य अतिथि महोदय थे। प्रधानाचार्य महोदय ने उनका स्वागत उन्हें पुष्प माला पहना कर किया। मुख्य अतिथि महोदय को वार्षिकोत्सव के लिए बनाए गए मंच पर ले जाया गया। वहाँ छात्रों अध्यापकों और दर्शकों ने तालियाँ बजाकर उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम का आरम्भ- कार्यक्रम का आरम्भ सरस्वती की आराधना के साथ किया गया। इसके पश्चात छात्रों ने मुख्य अतिथि महोदय का स्वागत किया। प्रधानाचार्य महोदय ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़कर सुनाई। इस रिपोर्ट में विद्यालय के कार्यक्रमों और उपलब्धियों का सुन्दर वर्णन था। इस अवसर पर प्राथमिक कक्षाओं के नन्हें मुन्नों ने भी कई आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उसके बाद ‘संस्कार और भावना’ नामक एकांकी का सफल अभिनय हमारे विद्यालय के छात्रों ने किया। इसके बाद कवि दरबार का आयोजन किया गया। इसमें छात्र/छात्राओं ने विभिन्न कवियों और कवयित्रियों की रचनाओं का सस्वर पाठ किया। यह कार्यक्रम भी बहुत आकर्षक रहा। कार्यक्रम की समाप्ति से पहले पुरस्कार वितरण किया गया। मुख्य अतिथि महोदय ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी घोषित छात्र/छात्राओं को पुरस्कार दिए। आए हुए अतिथियों ने पुरस्कृत विद्यार्थियों का तालियाँ बजाकर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि द्वारा सराहना- कार्यक्रम की समाप्ति से पहले मुख्य अतिथि ने विद्यालय की बहुत शंसा की। उन्होंने छात्रों से परिश्रमपूर्वक अपना कार्य करने को कहा। साथ ही उन्होंने विद्यालय के विकास के लिए यथासंभव सहायता देने का भी वचन दिया।

कार्यक्रम की समाप्ति- वार्षिकोत्सव के कार्यक्रम के अन्त में भांगड़ा नृत्य प्रस्तुत किया गया। यह नृत्य भी बहुत ही आकर्षक था। सभी दर्शकों ने तालियाँ बजाकर इस कार्यक्रम की सराहना की। अन्त में प्रधानाचार्य महोदय ने सभी उपस्थित दर्शकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने मुख्य अतिथि महोदय को विशेष रूप से धन्यवाद दिया क्योंकि व्यस्त होते हुए भी उन्होंने यहाँ आकर वार्षिकोत्सव की शोभा बढ़ाई थी और छात्रों का उत्साह बढ़ाया था। राष्ट्र गीत के गायन के पश्चात यह कार्यक्रम समाप्त घोषित कर दिया गया।

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